निगम की स्थापना
एनएसएफडीसी (NSFDC) की स्थापना भारत सरकार द्वारा 08 फरवरी, 1989 को नेशनल शेड्यूल्ड कास्ट्स एंड शेड्यूल्ड ट्राइब्स फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSCSTFDC) के नाम से की गई थी। इसे कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 (पूर्व में कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25) के अंतर्गत भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में पंजीकृत किया गया।
विभाजन
भारत सरकार के आदेशों के अनुसार पूर्ववर्ती NSCSTFDC को दो पृथक निगमों (एक अनुसूचित जातियों एवं दूसरा अनुसूचित जनजातियों के लिए) में विभाजित किया गया। इसके परिणामस्वरूप वर्तमान NSFDC दिनांक 10.04.2001 से केवल अनुसूचित जातियों के विकास हेतु कार्यरत है।
इसे ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में ₹5.00 लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले व्यक्तियों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु वित्तपोषण, सुविधा प्रदान करने एवं निधियों को जुटाने का दायित्व सौंपा गया है। यह लक्षित वर्ग हेतु राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (SCAs), सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, NBFC-MFIs, JHARCRAFT, NEDFi आदि चैनल भागीदारों के माध्यम से आय सृजन योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
इसका प्रबंधन निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य अनुसूचित जाति विकास निगमों, वित्तीय संस्थानों तथा अनुसूचित जातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी सदस्य शामिल हैं।
शेयर पूंजी
निगम की अधिकृत शेयर पूंजी ₹1800 करोड़ है तथा 31.01.2026 तक की स्थिति में चुकता पूंजी ₹1515 करोड़ है।
दृष्टि
पात्र अनुसूचित जातियों के सामाजिक-आर्थिक विकास के माध्यम से गरीबी में व्यवस्थित कमी लाने हेतु अग्रणी उत्प्रेरक बनना तथा चैनलाइजिंग एजेंसियों एवं अन्य विकास भागीदारों के साथ दक्ष, उत्तरदायी एवं सहयोगात्मक ढंग से कार्य करना।
मिशन
वित्तीय सहायता के प्रवाह में सुधार कर तथा कौशल विकास एवं अन्य नवोन्मेषी पहलों के माध्यम से अनुसूचित जातियों के बीच समृद्धि को बढ़ावा देना।
उद्देश्य
1
अनुसूचित जाति जनसंख्या के लिए महत्वपूर्ण व्यवसायों एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों की पहचान करना।
2
अनुसूचित जातियों से संबंधित व्यक्तियों द्वारा प्रयुक्त कौशल एवं प्रक्रियाओं का उन्नयन करना।
3
लघु, कुटीर एवं ग्राम उद्योगों को प्रोत्साहित करना।
4
अनुसूचित जातियों के उत्थान एवं आर्थिक कल्याण हेतु पायलट कार्यक्रमों का वित्तपोषण करना।
5
आर्थिक कल्याण हेतु वित्तीय सहायता के प्रवाह में सुधार करना।
6
प्रशिक्षण, परियोजना निर्माण एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से लक्षित समूह को परियोजना स्थापित करने में सहायता करना।
7
भारत एवं विदेश में व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों हेतु पात्र अनुसूचित जाति के छात्रों को ऋण प्रदान करना।
8
व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं की कौशल क्षमता एवं रोजगार योग्यता में वृद्धि करना।
उपरोक्त उद्देश्यों की पूर्ति हेतु NSFDC अनुसूचित जातियों से संबंधित लाभार्थियों को विभिन्न ऋण योजनाओं के अंतर्गत रियायती ब्याज दरों पर वित्तीय सहायता प्रदान करता है तथा लक्षित समूहों के समर्थन हेतु विभिन्न गैर-ऋण योजनाएँ भी संचालित करता है।